सोमवार, 2 जनवरी 2012

इस बार स्वदेशी नववर्ष विक्रमी सम्वत- 2069 ,

समय बदल गया ,
लोग बदल गये ,
सोच बदल गयी ,

नही बदला तो ,
... मन - जो व्याकुल है,
भारत और इंडिया के जंजाल मे ,

इंडिया पाश्चात संस्कृति का अदभुत चेहरा है
जहाँ व्यबसाय और गुंडो का पहरा है ,

भारत मे जहाँ समाज है
उसकी लूट मे सब बर्बाद है

हमारा नववर्ष पतझड़ में नहीं
वसन्त ऋतु में आता है
इस बार स्वदेशी नववर्ष विक्रमी सम्वत- 2069 , अंग्रेजी केलेंडर के अनुसार 22 मार्च 2012 (वीरवार), गुरुवार शाम 07 :10 बजे शुरू हो रहा है और हम वसन्त ऋतु में अपना नववर्ष मनाएँगे !

शनिवार, 25 जून 2011

जनता निकल रही है एक आन्दोलन को

बढ़ा दो तेल के दाम

बढ़ा दो गैस के दाम

क़त्ल कर दो सारे आम

की कोई नहीं चल पाए

न खा पाए , न पी पाए

न ही ये सपने में सोच पाए

हालातो से टकराना

लेकिन जो अब तक न हुआ वो अब होगा

अब होगा चौराहों पर , सडको पर , घर पर

पार्टी नहीं बंद करेगी ,

जनता निकल रही है एक आन्दोलन को

जो घर पे टी वी के सामने नहीं ,

कोम्पुटर पे नहीं , दोस्तों में नहीं,

बल्कि सीधे सरकारों को खड़ा करेगी

चौराहों पे......

खड़ा करेगी.......

ये जनता ..

अपने देश के लिए कुछ भी करेगी

ये जनता ......

जानती है और बताएगी

कितनी औकात है

जनता में ........

अब देखना है की

(जनता )इन मुर्दों में जिन्दा कितने है