शुक्रवार, 2 मार्च 2012
मैं अब भी इंतजार मे था
ना जाने क्यूँ उसके ....
हर पल हर लम्हे उसके
वह जो मेरा ना था ....
फिर वह लम्हा भी आया
जहाँ प्यार ने मुझे अपनी बांहों
अपनी बांहों मे समेट लिया
उस की उंगलिया मेरे बालो
मेरे बालो से खेलने लगी थी
मैं आँखे बंद कर उसके सीने
उसके सीने से लगा रहा
और फिर उसकी गोद मे
गोद मैं खुद कों पाया
प्यार का यह लम्हा ऐसे था
मैं खुद से मिल गया
ऐसे जैसे रेगिस्तान मे
एकाकार बारिश हो गई
मैं तृप्ति पा गया ...
--पवन अरोड़ा---
सोमवार, 2 जनवरी 2012
इस बार स्वदेशी नववर्ष विक्रमी सम्वत- 2069 ,
समय बदल गया ,
लोग बदल गये ,
सोच बदल गयी ,
नही बदला तो ,
... मन - जो व्याकुल है,
भारत और इंडिया के जंजाल मे ,
इंडिया पाश्चात संस्कृति का अदभुत चेहरा है
जहाँ व्यबसाय और गुंडो का पहरा है ,
भारत मे जहाँ समाज है
उसकी लूट मे सब बर्बाद है
हमारा नववर्ष पतझड़ में नहीं
वसन्त ऋतु में आता है
इस बार स्वदेशी नववर्ष विक्रमी सम्वत- 2069 , अंग्रेजी केलेंडर के अनुसार 22 मार्च 2012 (वीरवार), गुरुवार शाम 07 :10 बजे शुरू हो रहा है और हम वसन्त ऋतु में अपना नववर्ष मनाएँगे !
लोग बदल गये ,
सोच बदल गयी ,
नही बदला तो ,
... मन - जो व्याकुल है,
भारत और इंडिया के जंजाल मे ,
इंडिया पाश्चात संस्कृति का अदभुत चेहरा है
जहाँ व्यबसाय और गुंडो का पहरा है ,
भारत मे जहाँ समाज है
उसकी लूट मे सब बर्बाद है
हमारा नववर्ष पतझड़ में नहीं
वसन्त ऋतु में आता है
इस बार स्वदेशी नववर्ष विक्रमी सम्वत- 2069 , अंग्रेजी केलेंडर के अनुसार 22 मार्च 2012 (वीरवार), गुरुवार शाम 07 :10 बजे शुरू हो रहा है और हम वसन्त ऋतु में अपना नववर्ष मनाएँगे !
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