बुधवार, 6 मई 2009

मैं क्या लिखू

मैं कुछ लिखूं या कुछ मैं लिखू
पर जब समझने वाला जान कर न समझे
तो मैं क्या लिखूं और क्यों लिखू

3 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

लिखो लिखो..कोशिश करेंगे समझने की.

mark rai ने कहा…

kuchh to likhate rahiye..samjhane wala samajhe ya nahi...wo usaki pareshaani hai ...

AJEET SINGH ने कहा…

तो भाई साहब लिखना क्या जरूरी है...आप किसी व्यक्ति.. विशेष के लिए लिख रहे है क्या?